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कंपनियां अब नहीं बना पाएंगी सरसों का मिलावटी तेल, सरकार ने इंतजाम कर दिया है

Bag news India

भारत में लगभग-लगभग सभी के घरों में सरसों का तेल खाने की चीजों में इस्तेमाल होता है. अगर आपके घर में भी होता है, तो सरकार का नया फैसला आपको ज़रूर जानना चाहिए. दरअसल, देश के फूड सेफ्टी रेग्युलेटर FSSAI ने सरसों के तेल को शुद्ध बनाने के लिए एक नया कदम उठाया है. वह ये कि सरसों के तेल को तैयार करते वक्त अब इसमें कोई भी दूसरा वनस्पति तेल नहीं मिलाया जाएगा. 1 अक्टूबर 2020 से एकदम शुद्ध सरसों का तेल ही तैयार होगा.

फूड सेफ्टी एंड सिक्योरिटी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत काम करता है. इसका काम ही देशभर में खाने-पीने की चीजों की क्वॉलिटी पर नजर रखना है. FSSAI ने अपनी वेबसाइट पर सरसों के तेल से जुड़े नए फैसले की जानकारी दी. पूरा ऑर्डर यहां क्लिक करके पढ़ सकते हैं. इसमें कहा गया है-

“फूड एंड सेफ्टी स्टैंडर्ड्स रेगुलेशन-2011 दो ऐसे खाद्य वनस्पति तेलों के मिश्रण की परमिशन देता है, जहां किसी एक तेल का अनुपात वज़न के हिसाब से 20 फीसद से कम नहीं होता. अब भारत सरकार ने FSSAI को निर्देश दिया है कि सरसों के तेल में मिश्रण पर रोक लगाई जाए. ऐसा इसलिए ताकि लोगों के हित में घरेलू इस्तेमाल के लिए सरसों के शुद्ध तेल का निर्माण हो और वही बेचा जाए.”

आगे FSSAI ने बताया कि सरकार के निर्देश के संबंध में नियमों का मसौदा तैयार किया जा रहा है. इसमें अभी वक्त लगेगा. इसलिए तब तक के लिए ये फैसला किया गया है कि 1 अक्टूबर से ही सरकार के निर्देशों का पालन होगा. FSSAI ने कहा,

“ये फैसला किया गया है कि सरसों के तेल में मिलावट रोकने के लिए इन निर्देशों का पालन 1 अक्टूबर 2020 से ही होगा. सरसों के तेल के उत्पादन के समय अब उसमें कोई भी दूसरा वनस्पति तेल नहीं मिलाया जाएगा.”


अब क्या करेंगी लाइसेंस लेने वाली कंपनियां?

इस निर्देश के बाद सवाल उठ रहा था कि जिन्होंने मिश्रित सरसों के तेल का निर्माण करने का लाइसेंस ले रखा है, वो क्या करें? इसका जवाब भी इसी नोटिफिकेशन में FSSAI ने दिया है. उसने कहा,

“जिनके पास सरसों के तेल में कोई और वनस्पति तेल मिलाकर निर्माण करने का लाइसेंस है, हो सकता है कि उनके पास सरसों के तेल, सरसों के बीज या किसी दूसरे खाद्य तेल का स्टॉक हो. अब उन्हें इन सबको अमिश्रित (बिना मिश्रित) तेल की तरह बेचना होगा. वो अपने FSSAI लाइसेंस में बदलाव के लिए अप्लाई कर सकते हैं. उस पर संबंधित अधिकारी के अप्रूवल की ज़रूरत होगी.”
इस तरह के लाइसेंस में बदलाव वाले जो आवेदन आएंगे, उन पर तीन दिन के अंदर काम करने का निर्देश लाइसेंसिंग अथॉरिटीज़ को दिया गया है.

और कैसी-कैसी मिलावट होती है?

सरसों के तेल में मिलावट की खबरें अक्सर आती रही हैं. दैनिक जागरण की खबर के मुताबिक, सरसों के तेल में पाम ऑयल, पामोलिन, भूसी का तेल, सोया ऑयल मिलाया जाता है। ये सभी सरसों के तेल के मुकाबले काफी सस्ते होते हैं। इसके अलावा, नकली सरसों का तेल बनाने का भी कारोबार चलता है. एसेंस (सरसों के तेल वाली खुशबू) और घटिया किस्म का पीला रंग और केमिकल मिलाकर हूबहू सरसों का तेल तैयार कर दिया जाता है। रंग व झाग के लिए खतरनाक केमिकल मिलाये जाते हैं. ये सभी सेहत के लिए खतरनाक होते हैं.


देशभर से लिए गए थे सैंपल

इस साल अगस्त के महीने में FSSAI ने देशभर से 4,500 खाने के तेल के सैंपल्स इकट्ठे किए थे. क्वॉलिटी टेस्टिंग के लिए. ये सैंपलिंग मिलावटी तेलों को पकड़ने के लिए की गई थी. इस कार्रवाई के करीब एक महीने बाद सरकार ने सरसों के तेल में मिलावट रोकने को लेकर ये बड़ा फैसला किया है.

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