Health

किडनी स्टोन तो सुना होगा, पर उससे भी खतरनाक पथरी के बारे में जानते हो?

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यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें.

किडनी स्टोन के बारे में, उससे होने वाले भयानक दर्द के बारे में हमने काफ़ी सुन रखा है. लेकिन हमारे यूरिनल सिस्टम के एक और हिस्से में भी पथरी होती है. ये बहुत आम है लेकिन कई लोग इसके बारे में नहीं जानते हैं.

सबसे पहले तो ये जान लेते हैं कि गॉल ब्लैडर में पथरी होती क्यों है और आपको कैसे पता चलेगा कि आपके गॉल ब्लैडर में पथरी हो गई है.

ये हमें बताया डॉक्टर अनुज शर्मा ने. यूरोलॉजिस्ट हैं, जोधपुर में.

डॉक्टर अनुज शर्मा


गॉल ब्लैडर क्या है?

गॉल ब्लैडर पित्ताशय होता है. ये एक पित्त की थैली होती है जो पेट के उपरी हिस्से में, सीधे हाथ की तरफ लिवर के नीचे होती है. इसे हम बाइल कन्टेनिंग पाउच भी कहते हैं. इसका मेन काम होता है बाइल को इकट्ठा करना.

अब आप सोच रहे होंगे कि ये बाइल क्या होता है? ये एक तरह का एसिड होता है, जो लिवर में बनता है और गॉल ब्लैडर में जमा होता है. इस बाइल का काम होता है खाना पचाने में हमारी मदद करना. फैट वाला खाना पचाने में इसकी बहुत ज़रूरत पड़ती है. जब भी हम खाना खाते हैं तो ये बाइल गॉल ब्लैडर से निकलकर हमारी छोटी आंत में जाता है, और खाना पचाने में हमारी मदद करता है.


गॉल ब्लैडर में पथरी क्यों होती है?

-बाइल में होने वाले बदलाव की वजह से पथरी बनती है

-बाइल में बदलाव आता है मोटापे की वजह से, आरामपरस्त ज़िंदगी बिताने की वजह से

-साथ ही क्रोनिक कॉन्स्टिपेशन (कब्ज़) और ज़्यादा फैट वाला खाना खाने की वजह से

– इनके चलते कोलेस्ट्रॉल स्टोन बनते हैं.

– पिगमेंट स्टोंस बनते हैं कुछ बीमारियों की वजह से. जैसे खून की बीमारी या लिवर की कोई बीमारी
औरतों में कई प्रेग्नेंसीज़ की वजह से प्रोजेस्ट्रोन हॉर्मोन का लेवल ज़्यादा हो जाता है और गॉल स्टोन की सिकुड़ने की क्वालिटी कम हो जाती है. इसके कारण गॉल स्टोन हो जाते हैं

गॉल स्टोन की परेशानी औरतों में ज़्यादा होती है


क्या समस्या होती है?

-पेट के उपरी, सीधे हिस्से में दर्द होना

-लूज़ मोशन

-एसिडिटी रहना

-जलन, गैस होना

– गॉल स्टोन में सूजन आने की समस्या को एक्यूट कोलेस्ट्रॉलिस कहते हैं. इसमें तेज़ बुखार आता है, उल्टियां लगती हैं

-पांच से 10 गॉल स्टोन वाले पेशेंट में पैन्क्रियाटाइटिस होता है. ये तब होता है जब पथरी पैंक्रियाज़ (अग्नाशय) की नली के अंदर अटक जाती है. ये काफ़ी ख़तरनाक होता है
दो प्रतिशत केसेज़ में गॉल ब्लैडर कैंसर की समस्या भी देखी गई है. ये काफ़ी डेंजरस कॉम्पलीकेशन है
गॉलब्लैडर एक पित्त की थैली होती है जो पेट के उपरी हिस्से में, सीधे हाथ की तरफ होती है

बचने के लिए क्या करें?

-आपको बहुत देर तक खाली पेट नहीं रहना है. अगर व्रत भी रखते हैं तो एक निश्चित अंतराल पर कुछ न कुछ खाते रहना है. जूस पीजिए, फल खाइए

-जिससे पाचन में बाइल का इस्तेमाल हो सके और बहुत देर तक इकट्ठा न रहे

वजह तो समझ में आ गई, पर इसका इलाज क्या है? ये जानते हैं डॉक्टर विजय रंजन से. एमडी मेडिसिन हैं. ग्रीनलैंड हॉस्पिटल, गोरखपुर में.


इलाज:

-इलाज एक ही है. सर्जरी. कॉलसिस्टेक्टोमी (Cholecystectomy) की जाती है

-ऑपरेशन के द्वारा गॉल की थैली जिसमें पथरी है, उसे निकाल देना है

-ये दो तरह से हो सकता हैः लेप्रोस्कोपिक या ओपन

-ये आपको डॉक्टर बताएगा कि आपको कौन सी सर्जरी करवानी पड़ेगी

-अगर ये कॉमन बाइल डक्ट (CBD) यानी पित्तनली में फंसा हुआ है तो ERCP के ज़रिए निकलवाना पड़ेगा. ERCP एक तरह का प्रोसीज़र होता है
अगर नहीं चाहते गॉल ब्लैडर में स्टोन हो तो थोड़े-थोड़े अंतराल में खाना खाते रहिए. हेल्दी, घर का बना खाना. वॉक-एक्सरसाइज़ करिए और खुश रहिए.

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