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किसानों के ‘भारत बंद’ के समर्थन में सामने आए फिल्मी सितारे

Bag news India

संसद से पास हो चुके तीन कृषि बिलों को लेकर पंजाब और हरियाणा के किसान भड़के हुए हैं. सरकार भले ही लगातार भरोसा दिला रही है कि ये विधेयक उनके फायदे के लिए ही हैं. लेकिन किसानों का कहना है कि इन बिलों से छोटे किसानों को नुकसान ही होगा. कई विपक्षी पार्टियां भी सड़कों पर उतरी हुई हैं. भारत बंद का ऐलान कर रखा है. किसानों के समर्थन में पंजाबी सितारों ने एक बार फिर अपनी आवाज बुलंद की है. आइए, देखते हैं किसने क्या कहा-

फेमस पंजाबी और बॉलीवुड सिंगर दिलजीत दोसांझ ने किसानों के पक्ष में पोस्ट किया, जिसमें लिखा,


25 सितंबर. हम सभी किसान समुदाय के साथ खड़े हैं. पंजाब के सभी आयु वर्ग का हर व्यक्ति किसानों के साथ है. लोग पास हुए बिलों को सही कह रहे हैं, कम से कम किसानों से बात करने की कोशिश तो करें. जम्मू-कश्मीर में सरकारी भाषाओं से पंजाबी भाषा को हटा दिया गया है. ये सब लोगों के साथ क्या हो रहा है?’


दिलजीत का ये ट्वीट वायरल हो रहा है. इसे पंजाबी स्टार एमी विर्क, गुरनाम भुल्लर समेत कई लोगों ने अपने सोशल मीडिया पर शेयर किया है. पहले भी दिलजीत ने किसानों के पक्ष में ट्वीट किया था.


बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्मिला मातोंडकर भी किसानों के समर्थन में सामने आई हैं, उन्होंने ट्वीट किया-

जागो और उठो भारत,
आज 25 सितंबर है, अपने किसानों के साथ खड़े हों. निश्चित रूप से हम मीडिया सर्कस के अधीन नहीं है. हमें यह तय करना होगा कि हम किस तरह का देश बनने जा रहे हैं


कांग्रेस की नेता और पूर्व एक्ट्रेस नगमा ने कहा,

मैं किसानों के साथ खड़ी हूं, आज हमने तय किया है कि हम किसानों के साथ एकजुटता दिखाएंगे, जो हमारा पेट भरते हैं. अगर उनका साथ नहीं देंगे तो हमें खाने को भी तरस जाएंगे. देश का किसान अन्नदाता है…


डायरेक्टर हंसल मेहता ने ट्वीट किया,मैं किसानों के साथ खड़ा हूं,


इनके अलावा, टीवी एक्ट्रेस सरगुन मेहता ने भी किसानों के हित में ट्वीट किया था. उन्होंने लिखा,किसान विरोधी बिल का हम सभी विरोध करते हैं,


रेल रोको आंदोलन भी शुरू

पंजाब के किसानों ने इन बिलों के विरोध में गुरुवार से तीन दिनों के लिए ‘रेल रोको’ आंदोलन शुरू किया है. इसके चलते रेलवे ने 14 जोड़ी ट्रेनों को 26 सितंबर तक के लिए निलंबित कर दिया है.


कौन-से तीन विधेयकों का विरोध हो रहा है

पहला विधेयक है आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955. इसमें संशोधन करके खाद्य पदार्थों की जमाखोरी पर लगा प्रतिबंध हटा दिया गया है. मतलब अब व्यापारी कितना भी अनाज, दालें, तिलहन वगैरह जमा करके रख सकते हैं.


दूसरा विधेयक है, कृषि उत्पादन व्यापार और वाणिज्य विधेयक, 2020. इसका उद्देश्य कृषि उत्पाद विपणन समितियों यानी APMC मंडियों के बाहर भी कृषि से जुड़े उत्पाद बेचने और खरीदने की व्यवस्था तैयार करना है. यानी मोदी सरकार ने वो व्यवस्था खत्म कर दी है, जिसमें किसान अपनी उपज APMC मंडियों में लाइसेंसधारी खरीदारों को ही बेच सकते थे.


तीसरा है मूल्य आश्वासन पर किसान (बंदोबस्ती और सुरक्षा) समझौता और कृषि सेवा विधेयक, 2020. यह कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग को कानूनी वैधता प्रदान करता है, ताकि बड़े बिजनेस वाले और कंपनियां कॉन्ट्रैक्ट पर जमीन लेकर खेती करवा सकें.

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