Haryana

भारत बंद की तैयारी, संगठन एकजुट तो प्रशासन भी सख्त, दुकानें बंद करवाने पर होगी कार्रवाई

bag news – Sirsa

केंद्र सरकार की ओर से पारित तीन अध्यादेशों के विरोध में किसानों ने शुक्रवार को भारत बंद का ऐलान किया हुआ है। इसी के चलते प्रशासन अलर्ट हो गया है। किसानों के रोष प्रदर्शन को देखते हुए 25 ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं। जिनके नेतृत्व में पुलिस के 500 से ज्यादा जवान चौक- चौराहों और नाकों पर तैनात रहने के आदेश जारी किए गए हैं।

सिरसा। तीन अध्यादेश के विरोध में भारत बंद को सफल बनाने बारे किसानों को सम्बोधित करते हुए किसान नेता।

डीसी और एसपी ने मीटिंग करके फैसला लिया है कि पुलिस के जवानों के पास हथियार नहीं होंगे। वे केवल लाठी डंडों से लैस होंगे। अगर प्रदर्शनकारियों ने जबरदस्ती बाजार बंद करवाने की कोशिश की तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इधर व्यापार मंडल ने भी बंद को समर्थन देने को लेकर कोई ऐलान नहीं किया है। इसका साफ मतलब है कि बाजार खुल सकते हैं।

वहीं बाजार में रोष मार्च के चलते आंशिक रूप से दुकानें बंद रह सकती है। वहीं रोडवेज विभाग की ओर से अलर्ट जरूर जारी किया गया है, मगर बसें बंद रखने का कोई फैसला नहीं लिया गया है। इसलिए बसें चलती रहेगी। इसके अलावा इमरजेंसी हालत बनते हैं तो इसके लिए एबुंलेंस, फायर बिग्रेड, क्रेन, रोडवेज बस इत्यादि की तैयारी रखी गई है। मेडिकल स्टाफ को भी अलर्ट रहने के लिए पत्र लिखा गया है। इधर एसपी ने भी पुलिस जवानों को रोड जाम से निपटने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए हैं।

प्रशासन ने बुलाई किसानों की बैठक

शुक्रवार को बंद से पहले जिला प्रशासन ने किसान संगठनों की मीटिंग बुलाई थी। जिसमें किसानों को समझाने का प्रयास किया गया। लेकिन किसान नहीं मानें, तो शांतिपूर्वक आंदोलन की अपील किसानों से की। हरियाणा किसान मंच के प्रदेशाध्यक्ष प्रहलाद भारूखेड़ा ने कहा कि सरकार ने कोरोना महामारी की आड़ लेकर बिना किसी से सुझाव लिए पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए किसान विरोधी तीन अध्यादेश पारित कर दिए। सरकार की ओर से लागू किए गए तीन अध्यादेशों से देश का किसान बेबस हो जाएगा और व्यापारिक संगठन उसका शोषण करने के लिए स्वतंत्र हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार यदि वास्तव में किसानों की हितैषी है तो ऐसा कानून बनाए कि किसान की फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे ना बिके। लेकिन प्रदेश बंद के बावजूद सरकार नहीं चेती। जिसके बाद किसानों ने भारत बंद का फैसला लिया है। जिसमें व्यापारी, आढ़ती, कर्मचारी, मजदूर व छात्र संगठन हिस्सा लेंगे। इसके अलावा दुकानदारों ने भी किसानों के समर्थन का भरोसा दिलाया है।

छात्र संगठन व अखिल भारतीय नौजवान सभा ने भी दिया समर्थन

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फैडरेशन व अखिल भारतीय नौजवान सभा की एक बैठक गुरुवार को सराभा भवन में हुई, जहां भारत बंद को लेकर आगामी रणनीति तय की गई। एआईएसएफ के पूर्व राष्ट्रीय सचिव रोशन सुचान ने इस मौके पर कहा कि एक तरफ कोरोना महामारी में लोग अपना जीवन व जीविका बचाने में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर मोदी सरकार किसान विरोधी काला कानून बनाकर कृषि क्षेत्र को भी कॉपरेट लोगों के हाथ सौंपना चाहती है। राज्यसभा मेंं पास हुए इस विधेयक से न्यूतनम समर्थन मूल्य खत्म हो जाएगा और देश में काला बाजारी व जमाखोरी बढ़ेगी। इसी के साथ महंंगाई व भूखमरी जैसे हालात पैदा होंगे। इसलिए आज भारत बंद किया जा रहा है, जिसमें सैंकड़ों छात्र एवं युवा भी शामिल होंगे।

भारत बंद से प्रभावित नहीं होने दी जाएंगी बस सेवाएं

देश में किसानों की ओर से बंद के ऐलान से रोडवेज सेवाएं प्रभावित नहीं होने दी जाएंगी। पुलिस सुरक्षा में बसें चलाई जाएंगी, जिसके लिए डीसी व एसपी को पत्र लिख दिया है। सभी चालक- परिचालकों की ड्यूटियां लगा दी हैं।-आरएस पुनिया, जीएम रोडवेज डिपो सिरसा।

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