Haryana

2 दिन से एमएसपी पर पीआर धान की नहीं हुई खरीद, सरकारी रिकॉर्ड में 17500 क्विंटल मंडियों में अटका

बैग न्यूज़ – कैथल

धरने पर बैठे किसानों से बातचीत करते एसडीएम संजय कुमार।

सरकार और राइस मिलर्स की लड़ाई में किसान पिस रहा है। पीआर धान की सरकारी खरीद कागजों में रविवार से शुरू हो चुकी है लेकिन पूरे जिले में किसी भी मंडी में एक दाने की खरीद अब तक नहीं हुई। मार्केट कमेटी के रिकॉर्ड अनुसार ही 17500 क्विंटल पीआर धान मंडियों में पहुंच चुका है। हालांकि धान इससे कहीं ज्यादा मात्रा में मंडियों में पड़ा है। सोमवार सुबह नई अनाज मंडी में एमएसपी पर धान की खरीद शुरू न होने पर किसानों ने मार्केट कमेटी कार्यालय के बाहर धरना शुरू किया।

उसके बाद एसडीएम संजय कुमार किसानों के बीच पहुंचे और उन्हें एमएसपी पर खरीद का आश्वासन दिया। किसानों ने एसडीएम से दो टूक कहा कि वे पहले ही दुखी हैं और अब उन्हें और परेशान नहीं किया जाए। एक दिन का अल्टीमेटम देते हुए किसान बलजीत किच्छाना, गुरनाम सिंह डोहर, फूल सिंह नरड़, संजय ग्योंग, होशियार गिल व राममेहर गिल प्यौदा, तेजिंद्र सिंह अरनौली ने कहा कि अगर सोमवार सायं तक एम एसपी पर खरीद शुरू नहीं हुई तो मंगलवार से किसान कार्यालय के बाहर धरना देंगे और आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

किसानों को एक-एक क्विंटल धान लाने के मैसेज पर एसडीएम बोले-गलती सुधारी जाएगी, दोबारा भेजेंगे मैसेज

धरना दे रहे किसानों ने एसडीएम को एक-एक क्विंटल धान मंडी में लाने के लिए भेजे गए मैसेज भी दिखाए और कहा कि अगर इसी तरह रहा तो किसान मंडियों में फसल को कैसे बेच पाएंगे। वहीं एसडीएम ने कहा कि यह तकनीकी गड़बड़ या अनजाने में हुई गलती है। पोर्टल के अनुसार आंकड़ों को दुरुस्त कर मैसेज दोबारा भेजे जाएंगे।

खरीद न होने का बड़ा कारण राइस मिलर्स का कस्टम मिलिंग के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं करवाना

खरीद न होने का सबसे बड़ा कारण राइस मिलर्स द्वारा सरकारी धान की कस्टम मिलिंग के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं करवाना है। सीजन से पहले सभी राइस मिलर्स डीएफएससी कार्यालय में रजिस्ट्रेशन करवाते हैं और उसके बाद उन्हें एजेंसी और मंडियां अलॉट कर दी जाती हैं लेकिन इस बार रजिस्ट्रेशन नहीं करवाने से अब तक मंडियां अलॉट नहीं की जा सकी हैं। राइस मिलर्स एसोसिएशन के कार्यवाहक प्रदेशाध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा का कहना है कि चावल की रिकवरी दर 67 से 62 प्रतिशत करने, लस्टर लॉस व ब्रॉकनिंग को लेकर नई नीति निर्धारित करने और प्रति क्विंटल के हिसाब से 100 रुपए चार्ज देने समेत उनकी कई जायज मांगें हैं, जिनकी सरकार वर्षों से अनदेखी करती आ रही है। इस बार जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती वे मंडियों से धान नहीं उठाएंगे।

राइस मिलर्स खरीद करें, आढ़ती बोली करवाने को तैयार: प्रधान

नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के शमशेर मित्तल ने कहा कि सरकार व्यवस्था ठीक करे। वहीं मंडी प्रधान कृष्ण मित्तल ने कहा कि राइस मिलर्स का मांगों को लेकर सरकार के साथ मतभेद है। राइस मिलर खरीद करने के लिए आते हैं तो आढ़ती बोली करवाने को तैयार हैं। एजेंसी के लिए वे बोली नहीं करवा सकते हैं, क्योंकि एजेंसी की उठान की व्यवस्था ठीक नहीं है । आढ़तियों की यह भी मांग है कि खरीद एजेंसियों द्वारा जो अनाप-शनाप कटौती की गई है, उसका तुरंत भुगतान किया जाए।

एक-एक दाने की खरीद एमएसपी पर की जाएगी

किसानों के एक-एक दाने की खरीद एमएसपी पर की जाएगी। एजेंसियां खरीद करने को तैयार हैं, लेकिन नमी की मात्रा ज्यादा होने से परेशानी आ रही है। राइस मिलर्स के साथ सरकार के स्तर पर बातचीत चल रही है और जल्द ही समाधान निकाल लिया जाएगा।संजय कुमार, एसडीएम, कैथल।

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