Fatehabad

बुलंद उड़ान संस्था से प्रेरित हो दौलतपुर की 300 महिलाएं 8 को छोड़ेंगी घूंघट की प्रथा

Bag news –

बाल मजदूरी, बाल विवाह व कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराइयों को लेकर जिले भर में काम कर रही सामाजिक संस्था बुलंद उड़ान अपने स्थापना दिवस 8 अक्टूबर को एक और सामाजिक बुराई को खत्म करने की शुरूआत करेगी। संस्था ने अपने स्थापना दिवस को खास बनाने के लिए तथा जिले में अपनी सक्रियता बढ़ाने के लिए गांव दौलतपुर की 300 महिलाओं को घूंघट प्रथा छोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया है।

तथा उनके परिवार के लोगों को भी इस सामाजिक बुराई को खत्म करने के लिए राजी किया है। इसी के चलते 8 अक्टूबर को गांव दौलतपुर में आयोजित होने वाले संस्था के कार्यक्रम में गांव की 300 महिलाएं अपने परिवार की मौजूदगी में घूंघट की कुप्रथा को छोड़ेंगी।

इतना ही नहीं इसके बाद संस्था इस अभियान को फतेहाबाद के अलावा सिरसा व हिसार में भी सक्रिय रूप में चलाएगी ताकि घूंघट प्रथा को पूर्ण रूप से खत्म किया जा सके। कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर संस्था व इससे जुड़े हुए बच्चों ने आयोजित होने वाले सांस्कृति कार्यक्रमों के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं।

100 से अधिक विद्यार्थी प्रस्तुत करेंगे कार्यक्रम

बुलंद उड़ान संस्था के स्थापना दिवस पर गांव दौलतपुर के पार्क में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में संस्था से जुड़े 100 से अधिक बच्चे बाल विवाह, यौन शोषण, कन्या भ्रूण हत्या, बाल मजदूरी, बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ और महिला सशक्तिकरण जैसे विषयों पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर ग्रामीणों को जागरूक करेंगे। कार्यक्रम में 300 महिलाओं सहित 600 से अधिक लोग शामिल होंगे।

घूंघट से काम करने में आती है परेशानी : गीता

परिवार के बड़े व्यक्तियों से घूंघट करने के कारण घर का काम करने में परेशानी होती है। जब पति घर नहीं होते हैं तो बड़ों से बोलने व उन्हें कोई बात कहने में भी दिक्कत आती है। संस्था के समझाने के बाद परिवार के सभी सदस्यों ने घूंघट छोड़ने की सहमति दी है। थैंक्स बुलंद उड़ान।-गीता पत्नी सुनील कुमार।

घूंघट छूटने से बढ़ेगा आत्मविश्वास : सुनीता

घुंघट रखने के कारण परिवार के सदस्यों के बीच में अपनी बात रखने में परेशानी होती थी। अब घूंघट छूटने से मेरा व सभी महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ेगा तथा खुल कर अपनी बात रख सकेंगी। बुलंद उड़ान संस्था का यह सराहनीय कार्य है।-सुनीता पत्नी सुरजीत।

दूर होगी मानसिक परेशानी :माया रानी

घूंघट एक ऐसी कुप्रथा है जिससे महिलाओं को शारीरिक के साथ मानसिक परेशानी भी झेलनी पड़ती है। अब यह प्रथा खत्म होने से मानसिक परेशानी दूर होगी ऐसा होने से ग्रामीण महिलाएं भी समाज की मुख्यधारा में आएंगी तथा ग्रामीण विकास में अपना योगदान दे सकेंगी। -माया पत्नी जयसिंह।

मास्क लगाकर आएंगे सभी, दो गज की दूरी से बैठेंगे

कोरोना महामारी के चलते संस्था ने कार्यक्रम में आने वाले सभी ग्रामीणों, महिलाओं व बच्चों को मास्क लगाकर आने के लिए कहा है। इसके अलावा पार्क में भी सभी के बैठने की व्यवस्था दो गज की दूरी से की जाएगी ताकि किसी भी तरह से संक्रमण फैलने का खतरा ना रहे। संस्था मौके पर भी ग्रामीणों को मास्क बांटेंगी व हैंड सेनिटाइज के बाद ही कार्यक्रम में एंट्री दी जाएगी।

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