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शाहीन बाग में तीन महीने तक चले प्रोटेस्ट पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या फैसला दिया है?

Bag news –

नागरिकता संशोधन कानून. CAA के खिलाफ दिल्ली के शाहीन बाग में प्रदर्शन को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया है. जस्टिस एसके कौल, जस्टिस अनिरुद्ध बोस और जस्टिस कृष्ण मुरारी की बेंच ने फैसला सुनाया. कोर्ट ने कहा है कि सार्वजनिक जगहों पर अनिश्चितकाल तक प्रदर्शन नहीं हो सकता है, चाहे वो शाहीन बाग हो या कोई और जगह. कोर्ट ने कहा कि निर्धारित जगहों पर ही प्रदर्शन की अनुमति होनी चाहिए. कोर्ट का कहना है कि आवागमन का अधिकार अनिश्चित काल तक रोका नहीं जा सकता. विरोध और आने-जाने के अधिकार में संतुलन जरूरी है.


कोर्ट ने कहा कि सीएए के पास समर्थकों और इसका विरोध करने वालों का अपना हिस्सा है. सीएए को चुनौती अलग से इस अदालत के सामने लंबित है. कोर्ट ने कहा कि शाहीन बाग में मध्यस्थता के प्रयास सफल नहीं हुए, लेकिन हमें कोई पछतावा नहीं है. सार्वजनिक बैठकों पर प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता है, लेकिन उन्हें निर्दिष्ट क्षेत्रों में होना चाहिए. संविधान विरोध करने का अधिकार देता है, लेकिन इसे समान कर्तव्यों के साथ जोड़ा जाना चाहिए.

सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में ये भी कहा कि प्रसाशन को रास्ता जाम कर प्रदर्शन रहे लोगों को हटाना चाहिए था, कोर्ट के आदेश का इंतजार नहीं करना चाहिए था.

क्या है मामला?
दिसंबर 2019 में केंद्र सरकार ने संसद से नागरिकता संशोधन कानून पास किया था. जिसके तहत पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आने वाले धार्मिक अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने का प्रावधान किया गया. इस कानून के खिलाफ दिल्ली से शाहीन बाग से लेकर देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन किए गए. शाहीन बाग में दिसंबर से मार्च तक कोरोना लॉकडाउन लगने तक सड़कों पर प्रदर्शन चला था.

जब विरोध प्रदर्शन चल रहा था, तो सुप्रीम कोर्ट ने कुछ वार्ताकारों को भी शाहीन बाग भेजा था, ताकि बातचीत के ज़रिये कुछ हल निकाला जा सके और कम से कम रोड को खुलवाया जा सके. लेकिन उसका भी कोई नतीजा नहीं निकला था.

वकील अमित साहनी ने इस मामले में दायर की थी. 21 सितंबर को सुुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था. कोर्ट ने कहा था,

“विरोध के अधिकार को लेकर कोई यूनिवर्सिल पॉलिसी नहीं हो सकती है. इसमें केस-टू-केस बदलाव आते रहते हैं. ऐसे में हालात को ध्यान में रखते हुए कुछ कटौतियां भी करनी ज़रूरी होती हैं, ताकि संतुलन बना रहे.”

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