Haryana

सफाई व उठान से नप चेयरपर्सन संतुष्ट नहीं, बोलीं-स्वच्छता अभियान कागजों तक सीमित, 12 हजार की जनसंख्या पर एक सफाई कर्मचारी

bag news – Kaithal

कैथल|नप चेयरपर्सन सीमा कश्यप के वार्ड-16 में न्यू करनाल रोड और स्कूल नंबर चार के पास सड़क किनारे पड़ा कचरा।

उम्मीद थी कि जिला पालिका आयुक्त के पद सृजन से नगर परिषद, पालिकाओं की व्यवस्था में सुधार होगा। लेकिन डीएमसी के कार्यकाल का पहला स्वच्छता पखवाड़ा सिटी में सफल होता दिखाई नहीं दे रहा है। अधिकारियों के पास इस पखवाड़े में क्या विशेष किया, ये बताने को अधिक है नहीं।

सफाई और डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्शन व्यवस्था पर अब आम शहरी के साथ-साथ पार्षद और चेयरपर्सन सीमा कश्यप भी सवाल उठा रही हैं। चेयरपर्सन ने बताया कि अधिकारियों को बार-बार कहने के बाद भी उन्हें वार्ड की न्यू करनाल रोड वाले मार्ग पर स्थित ओके फाउंडरी और नंबर चार स्कूल के पास कचरे के ढेर लगे रहते हैं।

देवीगढ़ रोड पर आने वालों ने पूरे रास्ते पर अतिक्रमण किया हुआ है। इस पर कोई कार्रवाई नहीं होती। कश्यप ने कहा कि आज भी न्यू करनाल रोड पर कचरे के ढेर हैं। जबकि इस समय सिटी में स्वच्छता पखवाड़ा चल रहा है। उन्होंने कहा कि ये पखवाड़ा मात्र कागजों तक ही सीमित है। 17 अक्टूबर तक विशेष स्वच्छता पखवाड़ा चल रहा है। जिसके बाद कचरा पाॅइंटाें को खत्म करना, सफाई अभियान, नालों की सफाई, शौचालयों को रिपेयर व यूज करने लायक बनाने के काम होने हैं।

कूड़ा उठान एजेंसी की वार्ड-12 में मनमानी, कर्मचारी हटाए
वार्ड-12 की पार्षद शशि किरण ने बताया कि उनके वार्ड में लगभग 12 हजार की जनसंख्या है। इतनी जनसंख्या पर केवल दो सफाई कर्मचारी ही वार्ड में आते हैं। उनके वार्ड में जनकपुरी कॉलोनी, मायापुरी कॉलोनी, अंबेडकर नगर, रणधीर कॉलोनी, कपिल नगर, शुगर मिल, क्योड़क बस्ती, हरसौला बस्ती आती हैं।

इतने बड़े एरिया में एक माह से डोर-टू-डोर कचरा उठाना एजेंसी ने बंद किया हुआ है। जब शिकायत की तो बताया जाता है कि यहां से लोग 50 रुपए प्रति घर नहीं दे रहे हैं। जिस कारण यहां से कचरा उठाना बंद किया है। कचरा अब लोग मजबूरी वश खाली प्लाॅटों में डाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि वार्ड में पांच सफाई कर्मचारी और डोर-टू-डोर कम से कम दो बार होना चाहिए।

शुगर मिल कॉलोनी में आज तक नहीं पहुंचे कर्मचारी
पार्षद शशि किरण ने बताया कि उनके वार्ड की शुगर मिल कॉलोनी में तो आज तक डोर-टू-डोर से कचरा लेने वाले कभी गए ही नहीं। जबकि एजेंसी को हर माह करीब 15 लाख रुपए की पेमेंट की जाती है। पार्षद प्रतिनिधि बलजीत रंगा ने बताया कि उन्होंने आज भी सेनेटरी इंस्पेक्टर को इस बारे में शिकायत की है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि वे वार्ड में सफाई और उठान करवाएंगे।

वार्ड-19 में 8 हजार लोगों पर एक कर्मचारी वार्ड 19 के पार्षद प्रवीण शर्मा ने बताया कि स्वच्छता अभियान बस नाम का है। अगर रुटीन में अधिकारी सफाई और उठान व्यवस्था पर ध्यान दें तो विशेष अभियान चलाने की जरुरत ही नहीं पड़ेगी।

उन्होंने कहा कि उनके वार्ड में आठ हजार की जनसंख्या पर मात्र एक महिला कर्मी डोर टू डोर के काम में तैनात की है। उसके पास भी एक हाथ रेहड़ी है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि वार्ड में किस तरह से सफाई होती होगी और कचरे का उठान कैसा होता होगा। वार्ड का एरिया बड़ा है। दो सफाई कर्मचारी भी कम हैंं।

सफाई व उठान की शिकायतें आ रही हैं। तुरंत एक्शन लिया जा रहा है। वार्ड 12 बारे एजेंसी व दरोगा को काम को व्यवस्थित करने के आदेश दिए हैं। वार्ड चेयरपर्सन के वार्ड 16 में वे स्वयं चेकिंग करेंगे। जिस कर्मचारी की लापरवाही मिलेगी, उसके जवाब मांगा जाएगा।
प्रदीप कौशिक, सेनेटरी इंस्पेक्टर

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