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तनिष्क के विज्ञापन में ऐसा क्या है कि लोग ‘लव जेहाद’ बताकर बायकॉट का कैंपेन चला रहे हैं

Bag news –

टाटा कंपनी के ज्वैलरी ब्रांड तनिष्क के खिलाफ ट्विटर पर पिछले कई घंटों से बायकॉट का फतवा चल रहा है. कारण बना है कि तनिष्क कंपनी का एक विज्ञापन. इसे देखकर तथाकथित लव जेहाद के डर से आशंकित लोगों का ट्विटर पर गुस्सा फूट पड़ा है. वहीं, कई सिलेब्रिटीज इसके सपोर्ट में सामने आ गए हैं. लेकिन इस जद्दोजहद के बीच तनिष्क कंपनी ने अपना विज्ञापन का वीडियो हटा लिया है. आइए बताते हैं क्या है पूरा मामला.

ऐसा क्या है वीडियो में कि बहिष्कार करना पड़े?

तनिष्क ने ज्वैलरी की नई रेंज एकत्वम के लिए नया वीडियो बनाया. इसमें एक मुस्लिम परिवार में एक हिंदू महिला को बहू के तौर पर दिखाया गया है. मुस्लिम परिवार अपनी बहू के लिए घर पर गोदभराई की हिंदू रिवाज का कार्यक्रम आयोजित करता है. इस पर सास-बहू में ऐसे बात होती है-

बहू- ये रस्म तो आपके घर में होती नहीं है न मां?

सास – पर बिटिया को खुश रखने की रस्म तो हर घर में होती है न.

बस इसी बात को लेकर ट्विटर पर बवाल काटा जाने लगा. आनन-फानन में इसका बायकॉट ट्रेंड करने लगा. एक्ट्रेस कंगना रनौत भी इसमें कूद पड़ीं.

कंगना रनौत ने विरोध करते हुए ट्वीट किया-

यह विज्ञापन कई स्तरों पर गलत है. हिंदू बहू लंबे वक्त से परिवार के साथ रह रही है, लेकिन उसे तब ही स्वीकार किया जाता है, जब वह परिवार को उत्तराधिकारी देने वाली है. क्या वह सिर्फ बच्चे पैदा करने के लिए है? यह विज्ञापन न सिर्फ लव जेहाद को प्रमोट करता है बल्कि लिंगभेद को भी बढ़ावा देता है.


काल्पनिक एकता का एड

कई यूजर्स ने एड का विरोध करते हुए राहुल राजपूत का भी जिक्र किया, जिसकी दिल्ली में 7 अक्टूबर को पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी. आरोप है कि राहुल की दूसरे धर्म की लड़की से दोस्ती थी, जो उसके घरवालों को पसंद नहीं थी.

तनिष्क के एकत्वम सीरीज का एड काल्पनिक एकता की बात करता है. एक मुस्लिम परिवार में हिंदू बहू को हिंदू रीति-रिवाज करने की इजाजत देना काल्पनिक है. यह बस लव जिहाद को प्रमोट करने का एक तरीका भर है. वह भी तब, जब राहुल राजपूत को मारा गया हो.

एकता के नाम पर लव जिहाद

जब तनिष्क एकता के नाम पर लव जिहाद की बात करता है. जबकि कश्मीरी पंडितों को 30 साल पहले कश्मीर से निकाल दिया गया था. दिल्ली में हिंदू विरोधी दंगे होते हैं. राहुल राजपूत को मुस्लिम लड़की से प्रेम करने की वजह से मार दिया जाता है. प्रिया को धर्म न बदलने के लिए मारा जाता है.

तनिष्क के समर्थन में भी उतरे लोग

जैसे ही बायकॉट तनिष्क ट्रेंड होना शुरू हुआ, कुछ लोग इसके समर्थन में उतर आए. जो लोग इस एड को लव जिहाद प्रमोट करने वाला और भ्रामक बता रहे थे, इन लोगोंं ने पूछना शुरू किया कि आखिर दिक्कत क्या है?

तहसीन पूनावाला ने ट्वीट किया-

मेरी मां मुस्लिम है. मेरी पत्नी हिंदू है. मेरी मां ने मेरी पत्नी को गिफ्ट में मंदिर दिया है. मेरे घर में हर दीवाली पर मेरी हिंदू पत्नी लक्ष्मी पूजा करती है. ये काल्पनिक नहीं है. मेरी मां इस काम में मदद करती हैं और पूजा देखती हैं, ये भी काल्पनिक नहीं है. तनिष्क के विज्ञापन में दिखाई गई बहू और सास बिल्कुल मेरे परिवार के जैसी है.

हिंदू-मुस्लिम पर बने एड पहले भी होते रहे हैं बायकॉट का शिकार

ऐसा पहली बार नहीं हुआ कि हिंदू-मुसलमानों के रिश्तों को लेकर बने विज्ञापन के बहिष्कार की मांग उठी हो. इससे पहले सर्फ एक्सेल का 2019 में आया होली एड, क्लोजअप का लॉस्ट लव्स कैंपेन, ब्रुक बॉन्ड का पड़ोसी और गणेश पूजा विज्ञापन और कौन बनेगा करोड़पति का हिंदू-मुस्लिम पड़ोसी एड भी ट्विटर पर निशाने पर आया था.

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