Delhi

दिल्ली के 100 ट्रैफिक सिग्नल पर दो शिफ्ट में 2500 मार्शल होंगे तैैनात

बैग न्यूज़ –

फाइल फोटो

राजधानी में बढ़ते प्रदूषण को कम करने के लिए अब दिल्ली सरकार प्रदूषण के विरुद्ध अभियान के तहत शुरू किए गए रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ अभियान को 21 अक्टूबर से जमीनी स्तर पर उतारेंगी। यह 15 नवंबर तक चलेगा। सोमवार को पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली के 100 ट्रैफिक सिग्नल पर 2500 मार्शल तैनात होंगे।

जो रेड लाइट पर वाहन चालकों को लाल गुलाब देकर गांधीगिरी से गाड़ी बंद करने की अपील करेंगे। यह अभियान सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक चलेगा। हर चौराहे पर 10 मार्शल तैनात होंगे और 10 सबसे बड़े चौराहों पर दो गुने मार्शल तैनात होंगे। मार्शल दो शिफ्ट में तैनात होंगे। पहली शिफ्ट 8 बजे से 2 बजे और दूसरी शिफ्ट 2 बजे से 8 बजे तक की होगी। राय ने कहा कि स्थानीय एसडीएम, ट्रैफिक पुलिस के एसीपी और परिवहन विभाग के डीसी (प्रवर्तन) मार्शलों की गतिविधियों पर निगरानी रखेंगे।

अभियान को जनआंदोलन बनाएंगी सरकार
पर्यावरण मंत्री राय ने कहा कि हम अभियान को जन आंदोलन बनाने के लिए दिल्ली के सभी सांसदों, विधायकों, पार्षदों, राजनीतिक दलों, आरडब्ल्यूए, औद्योगिक व सामाजिक संगठनों और एनजीओ को पत्र लिख कर शामिल होने की अपील करेंगे। इन लोगों से संवाद किया जाएगा कि वह अपने क्षेत्र के लोगों को जागरूक करें। राय ने कहा कि अभियान में शामिल होने के लिए दूसरे राजनीतिक दलों को चिट्ठी लिखेंगे।

राय ने कहा कि दिल्ली में वाहनों से वायु प्रदूषण को 15 से 20 प्रतिशत कम किया जा सकता है। ऑनलाइन क्लास ले रहे स्कूली बच्चों को भी शिक्षकों के माध्यम से अभियान में शामिल किया जाएगा, हमें भरोसा है कि यह अभियान देश में एक नया रोल मॉडल खड़ा करेगा। इस अभियान से जुड़कर लोग अपनी व्यवहार में थोड़ा परिवर्तन ला कर पीएम 2.5 में कमी ला सकते है, जिसकी प्रदूषण में सबसे ज्यादा भूमिका है।

सरकारों में इच्छा शक्ति हो तो पराली को अवसर में बदल सकते है : सीएम

प्रदूषण से निपटने के लिए राजनीतिक इच्छा शक्ति की जरूरत हैं। यदि सभी राज्य सरकारों के अंदर इच्छा शक्ति है तो हम पराली को एक अवसर में बदल सकते हैं, लेकिन इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। यह बात सोमवार को केजरीवाल ने एक प्रेसवार्ता में कहीं। सीएम ने कहा कि केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने कहा कि प्रदूषण को कम करने में कम से कम चार साल लगेंगे। मैं उनकी बात से सहमत नहीं हूं।

यदि सारी सरकारें और पार्टियां राजनीति छोड़कर ईमानदारी ईमानदारी के साथ काम करें, तो काफी कम समय में प्रदूषण पर काबू पा सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे वैज्ञानिकों और इंजीनियरों ने पराली का वैकल्पिक समाधान दे दिए हैं, अब केवल राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी है।

पराली का एक समाधान दिल्ली सरकार द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा रासायनिक घोल है, जिसे छिड़क कर पराली को खाद में बदला जाता है। दूसरे समाधान के तहत हरियाणा और पंजाब में कई फैक्ट्रियों में पराली कंप्रेस्ड बायोगैस ( सीबीजी), कोयला और कोक बनाया जा रहा है। पंजाब की 7 फैक्ट्रियां में कोयला/कोक पराली से बनाया जा रहा है।

कंपनियां पराली के बदले प्रति एकड़ 500 रुपए देती है और खुद खेत से पराली को ट्रांसपोर्ट करके फैक्ट्री तक लेकर आती है। सीएम ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री से अपील करते हुए कहा कि पराली की समस्या के स्थाई समाधान के लिए वे हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों के साथ हर महीने बैठक करें।

नार्थ एमसीडी ने मांगा 2 हजार करोड़ का लोन

आर्थिक तंगी से जूझ रही उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने कर्मचारियों को दिवाली से पहले बकाया वेतन राशि जारी करने के लिए केंद्र सरकार से 2 हजार करोड़ रुपए का लोन मांगा है। सोमवार को नार्थ एमसीडी के महापौर जय प्रकाश ने केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर से मुलाकात की। साथ ही निगम को वित्तीय संकट की स्थिति से स्थिति से उबरने के लिए कम से कम 2000 करोड़ रुपए के ऋण की मांग की।

इस दौरान महापौर ने कहा कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों को ब्याज मुक्त ऋण के रूप में 10 हजार रुपए देने की घोषणा की है और बढ़ती उपभोक्ता मांग को देखते हुए व अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकारों को 50 वर्षों की अवधि के लिए 12 हजार करोड़ रुपए ऋण के रूप देने की घोषणा की है।

50 हजार से अधिक कर्मचारी करते है काम

महापौर ने कहा कि नार्थ एमसीडी दिल्ली की सबसे बड़ी स्थानीय निकाय है, जिसमें 50 हजार से अधिक कर्मचारी काम करते हैं। निगम के कर्मचारियों को पिछले 4 महीनों से उनके वेतन का भुगतान भी नहीं किया गया है। त्योहारों को देखते हुए ये कर्मचारियों से अन्याय होगा यदि उन्हें समय पर वेतन ना मिले हैं।

महापौर ने कहा कि कोविड-19 व लॉकडाउन के कारण उत्तरी दिल्ली नगर निगम के राजस्व में भारी गिरावट आई है और वसूली लगभग 30 फीसदी तक कम हो गई है। दिल्ली सरकार जो हमें विभिन्न शीर्षों के तहत अनुदान देती है, उन्होंने भी अभी तक इस संबंध में कोई कार्यवाही नहीं कि है जिसके कारण कर्मचारियों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।

जल्द लें जमीन | महापौर ने कहा कि आयकर विभाग ने निगम से मिंटो रोड पर करीब 15 हजार वर्गमीटर जमीन को 3700 करोड़ रुपए के आधार पर नियमों व शर्तों के अनुसार लेना स्वीकार किया था। जिसे देखते हुए एक हजार करोड़ रुपए का आंशिक भुगतान भी जल्द से जल्द जारी किया जा सकता है ताकि निगम वर्तमान वित्तीय संकट से उबर सके।

भाजपा पार्षद भ्रष्टाचार में लिप्त हैं: आम आदमी पार्टी
आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता एवं एमसीडी प्रभारी दुर्गेश पाठक ने कहा कि भाजपा के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने 2017 के एमसीडी चुनावों में अपने भ्रष्ट पार्षदों के टिकट काट कर नए चेहरों को मौका दिया था, लेकिन यह नए चेहरे भी भ्रष्टाचार के मामले में भाजपा के पूर्व पार्षदों से भी आगे निकल गए।

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