Haryana

हुड्डा ने मनाया तो कपूर नरवाल हटे मैदान से

Bag news –

बरोदा हलके में चुनावी समीकरण पूरी तरह से बदल गए हैं। कांग्रेस की टिकट कटने के बाद पंचायती उम्मीदवार के रूप में चुनावी रण में डटे डॉ. कपूर सिंह नरवाल अब मैदान से हट गए हैं। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी इंदू राज नरवाल के समर्थन में अपना नामांकन-पत्र वापस ले लिया। पूर्व सीएम व विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा की अगुवाई में वे कांग्रेस के मंच पर भी आ गए हैं। ऐसे में अब बरोदा में चुनावी मुकाबला रोचक हो गया है।

बेशक, भाजपा-जजपा गठबंधन बरोदा उपचुनाव को खुद के लिए एक मौके के रूप में लेकर चल रहा है लेकिन यहां होने वाली हार-जीत भविष्य की राजनीति काे भी प्रभावित कर सकती है। बरोदा उपचुनाव के नतीजों के बाद अगले साल पंचायती राज संस्थाओं व शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव भी होने हैं। इससे पहले फरवरी में ही तीन नगर निगमों सहित कुछ नगर परिषदों व नगर पालिकाओं के चुनाव भी कराए जाने हैं।

ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि बरोदा उपचुनाव के नतीजे निकाय व पंचायत चुनाव को भी प्रभावित करेंगे। बरोदा में टिकट वितरण के दौरान कांग्रेस में घमासान मचा हुआ था। लेकिन भाजपा ने 2019 के विस चुनाव में प्रत्याशी रहे ओलंपियन पहलवान योगेश्वर दत्त को फिर से उम्मीदवार घोषित कर बड़ा दांव खेल दिया था, हालांकि कांग्रेस में नामांकन-पत्र दाखिल करने के कुछ घंटों पहले तक टिकट पर रस्साकसी ही जारी थी। बाद में बिल्कुल नये चेहरे के रूप में इंदू राज नरवाल की टिकट का ऐलान किया गया।

पूर्व सीएम हुड्डा डॉ. नरवाल की टिकट के लिए दिल्ली में लॉबिंग कर रहे थे। हालांकि इंदू राज नरवाल की गिनती भी राज्यसभा सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा के सबसे नजदीकियों में होती है। कपूर सिंह नरवाल को टिकट नहीं मिली तो उन्होंने पंचायती उम्मीदवार के तौर पर अपना परचा दाखिल कर दिया। कपूर सिंह नरवाल को मनाने में हलके की खाप पंचायतों के अलावा कई सामाजिक संगठन भी जुटे हुए थे। सोमवार को कपूर सिंह नरवाल ने अपने घर पर अहम बैठक बुलाई।

सोमवार निर्णायक दिन इसलिए था, क्योंकि नामांकन-पत्र वापसी की यह आखिरी तारीख थी। ऐसे में कपूर की कोठी पर पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के अलावा उनके पुत्र व राज्यसभा सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता पहुंचे। आखिरी पल में हुड्डा पंचायती उम्मीदवार कपूर सिंह नरवाल को मनाने में कामयाब रहे और नरवाल ने अपना नामांकन-पत्र वापस लेकर कांग्रेस प्रत्याशी इंदू राज नरवाल के समर्थन में प्रचार करने का ऐलान कर दिया।

कपूर नरवाल का पंचायती उम्मीदवार के तौर पर नामांकन-पत्र दाखिल करवाने वाले महम से निर्दलीय उम्मीदवार बलराज सिंह कुंडू भी अब नरवाल के फैसले से सहमत हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने कपूर के साथ हुड्डा का मंच भी साझा किया और बरोदा उपचुनाव में इंदू राज नरवाल के लिए वोट मांगने का ऐलान कर दिया है। इन नये समीकरणों के चलते बरोदा में सत्ताधारी भाजपा-जजपा गठबंधन और कांग्रेस में सीधा मुकाबला होने के आसार बन गए हैं।

सैनी बिगाड़ सकते हैं खेल

लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी के सुप्रीमो व कुरुक्षेत्र के पूर्व सांसद राजकुमार सैनी बरोदा उपचुनाव में खेल बिगाड़ सकते हैं। वे खुद चुनावी रण में डटे हुए हैं। सोमवार को उन्होंने अपने कवरिंग उम्मीदवार का नामांकन-पत्र भी वापस करवा दिया। ऐसे में साफ है कि वे खुद ही चुनाव लड़ेंगे। इन हालात में वे गैर-जाट के जितने भी वोट लेंगे, इसका असर सीधे तौर पर भाजपा प्रत्याशी को पड़ सकता है। इसी तरह से इनेलो ने जोगेंद्र सिंह मलिक को अपना प्रत्याशी बनाया हुआ है। जाट बहुल बरोदा हलके में इनेलो प्रत्याशी जितने अधिक वोट हासिल करेंगे, कांग्रेस को उसका उतना ही अधिक नुकसान होगा।

ईवीएम में सबसे ऊपर कांग्रेस प्रत्याशी, फिर इनेलो

गोहाना (निस): नामांकन प्रक्रिया पूर्ण होते ही निर्वाचन विभाग ने ईवीएम पर प्रत्याशियों के क्रम को अंतिम रूप दे दिया है। कुल 14 प्रत्याशियों में सबसे ऊपर पहले स्थान पर कांग्रेस के प्रत्याशी इंदुराज नरवाल होंगे। महिला प्रत्याशी सरोजबाला को सबसे अंत में स्थान मिल पाया है। ईवीएम में प्रत्याशियों का क्रम उनके नामों के हिन्दी वर्णानुक्रम में निश्चित किया गया है। चुनाव विभाग ने सबसे पहले राष्ट्रीय स्तर के पंजीकृत दलों को लिया है। इस श्रेणी में 3 प्रत्याशियों को स्थान मिल सका है। सबसे ऊपर पहले नम्बर पर कांग्रेस प्रत्याशी इंदुराज नरवाल को रखा है। दूसरा स्थान इनेलो प्रत्याशी जोगेन्द्र सिंह मलिक का होगा। तीसरा स्थान भाजपा के उम्मीदवार योगेश्वर दत्त का रहेगा। उसी तरह से दूसरी श्रेणी में 4 ऐसी पार्टियों के प्रत्याशियों को रखा गया है, जिनके राजनीतिक दल राष्ट्रीय या राज्य स्तर की पंजीकृत पार्टियों से अलग हैं। यह वर्ग क्रम संख्या 4 से 7 तक का है। चौथे नम्बर पर राष्ट्रीय मजदूर एकता पार्टी के प्रत्याशी इंद्र सिंह, 5वें स्थान पर लोसुपा के प्रत्याशी राज कुमार सैनी, छठे स्थान पर पीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया डेमोक्रेटिक के सुमित चौधरी तथा सातवें स्थान पर भारतीय जनराज पार्टी के सोनू चोपड़ा को रखा गया है।

मैं जिस स्टीयरिंग पर बैठता हूं, उसे न कभी छोड़ा है, न कोई छुड़वा सकता

केसी अरोड़ा/गोहाना (निस): पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता विपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सोमवार को कहा, मैं जिस स्टीयरिंग पर बैठता हूं, उसे न कभी छोड़ा है और न ही कोई मुझ से उसे छुड़वा ही सकता है। उन्होंने जनता से भी आग्रह किया कि मेरी पीठ पर वार न होने देना, छाती पर मैं नहीं होने दूंगा। हुड्डा अपने बेटे और राज्यसभा सांसद दीपेन्द्र सिंह हुड्डा के साथ गोहाना में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। दरअसल, भाजपा-जजपा गठबंधन के नेता तर्क देते रहे हैं कि जिस तरह से कांग्रेस बंसीलाल की जगह भजनलाल और भजनलाल की जगह खुद भूपेन्द्र सिंह हुड्डा को लाई, आने वाले दिनों में उसी तरह प्रदेश कांग्रेस की स्टीयरिंग (बागडोर) कोई और नेता थाम सकता है। बरोदा उपचुनाव में हुड्डा की पहली पसंद के दावेदार डाॅ. कपूर सिंह नरवाल को टिकट न मिल पाने को कांग्रेस में उनके विरोधी खेमे के नेताओं की कामयाबी के तौर पर देखा जा रहा है। हुड्डा ने कहा कि सवाल एक सीट या एक विधायक का नहीं, बरोदा उपचुनाव से प्रदेश की 2.50 करोड़ जनता का भविष्य जुड़ा हुआ है। वहीं राज्यसभा सांसद दीपेन्द्र सिंह हुड्डा ने कहा कि बरोदा उपचुनाव भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार के खिलाफ अविश्वास पास करेगा। उन्होंने कहा कि जिस समय इस उपचुनाव के वोटों की गिनती पूरी होगी, उसी के साथ गठबंधन सरकार की उलटी गिनती शुरू हो जाएगी।

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