Haryana

विज के मंत्रालय से सीएमओ नाखुश विभागाध्यक्ष तलब

Bag news –

हरियाणा शहरी स्थानीय निकाय विभाग की कार्यशैली से सीएमओ (मुख्यमंत्री कार्यालय) खुश नहीं है। इस विभाग के खिलाफ सीएम विंडो पर लगातार शिकायतें बढ़ रही हैं। यह मंत्रालय गृह मंत्री अनिल विज के पास है। ऐसे ही हालत टाउन एवं कंट्री प्लानिंग तथा पंचायत विभाग के हैं। अहम बात यह है कि टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग सीएम मनोहर लाल खट्टर के पास है और विकास एवं पंचायत विभाग डिप्टी सीएम दुष्यंत सिंह चौटाला के अधीन है।

सीएम विंडो पर आने वाली ऑनलाइन शिकायतों को लेकर विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान इन विभागों की कार्यशैली पर ये सवाल उठाए गए। मुख्यमंत्री के जनसुरक्षा, शिकायत व सुशासन सलाहकार तथा सीएम विंडो के प्रभारी अनिल राव व सीएम के ओरएसडी भूपेश्वर दयाल की अध्यक्षता में यह समीक्षा बैठक हुई। बैठक में इन तीनों विभागों के प्रमुखों को अगली बैठक में शिकायतों की स्टेट्स रिपोर्ट के साथ तलब किया है।

इससे पहले इन विभागों के नोडल अधिकारियों को सीएम विंडो पोर्टल पर कार्रवाई रिपोर्ट अपलोड करनी होगी। बैठक में यह भी तय किया गया कि सीएम विंडो की समीक्षा बैठक अब महीने में एक बार की बजाय हर सप्ताह होगी। पूर्व सीआईडी चीफ व सीएम विंडो इंचार्ज अनिल राव ने कहा कि नोडल अधिकारियों को पूरी तैयारी के साथ आना होगा। चाहे तो बैठक में फील्ड के अधिकारियों को अपने साथ ला सकते हैं। बैठक के बाद बताया गया कि अगली बैठक में बेहतर कार्य करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को उत्कृष्टता एवं प्रशंसा-पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। बैठक के दौरान बिजली विभाग द्वारा किए गए कार्य को सराहा गया।

भ्रष्टाचारियों पर गिरी गाज

पुलिस विभाग की आर्थिक अपराध शाखा के सब-इंस्पेक्टर सुभाष चंद्र को आईआईएलएम यूनिवर्सिटी के एक मामले में गलत छानबीन करने के आरोप में दोषी पाया गया। इसके चलते सुभाष चंद्र को सस्पेंड किया गया है। हिंदी पीजीटी राकेश मोर को बर्खास्त करने के आदेश दिए हैं। राकेश के खिलाफ शिकायत थी कि उसने फर्जी एचटेट का सर्टिफिकेट देकर नौकरी हासिल की थी। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी अरुण असरी को गलत सर्टिफिकेट जारी करने की एवज में सस्पेंड करने के आदेश दिए हैं। अंकुश कुमार, जेबीटी (अब मुख्य शिक्षक) को निलम्बित करने के आदेश दिए गए हैं। उन पर आरोप था कि इन्होंने स्कूल के विद्यार्थियों की वर्दी, बैग, स्टेशनरी का गबन किया। मिड-डे-मील के खाते से कुल 1,90,000 रुपये की राशि निकलवाई। इसका रिकॉर्ड में कोई इंद्राज नहीं है। इसका कड़ा संज्ञान लेते हुए बीते चार-पांच वर्ष में जितने भी डीएफएससी कुरुक्षेत्र में नियुक्त रहे हैं, और ऐसी गलती को अंजाम दिया है, के विरुद्ध नियम-7 में चार्जशीट करने के आदेश जारी किए हैं। बैठक में भूपेश्वर दयाल ने शहरी संपदा विभाग में गलत तरीके से भर्ती हुए पटवारी जो अब पदोन्नत होकर नायब तहसीलदार बन गया है, उसके विरुद्ध एक सप्ताह के अंदर-अंदर जांच पूरी कर रिपोर्ट देने को कहा।

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