Bhiwani

तीन नशेड़ियों ने लंगूर के गर्दन-पैर बांध डंडों से पीट-पीटकर मार डाला

बैग न्यूज़ – भिवानी

फाइल फोटो।

भिवानी में नशे में धुत 3 लोगों ने मानवता को शर्मसार कर दिया। तीनों ने अनाज मंडी में रस्सी से बंधे लंगूर को पहले एक हजार से ज्यादा चक्कर कटवाए और फिर डंडों से पीट-पीटकर मार डाला। पुलिस ने आरोपियों पर आईपीसी की धारा 429 व 34 के तहत केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की पहचान चांग निवासी विदेश, जींद के गांव मालवी निवासी विष्णु व केहरपुरा निवासी संदीप के रूप में हुई है।

शहर थाना प्रभारी रविंद्र ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने बताया है कि लंगूर उन्हें देखकर घुड़की निकाल रहा था, जिससे गुस्सा आ गया और लंगूर को मार दिया। दरअसल, बंदरों के आंतक से परेशान अनाज मंडी के व्यापारियों ने 6 साल पहले लंगूर को किराए पर लिया था। लंगूर मंडी में ही पेड़ से बंधा रहता था। उसका मालिक रोहतक निवासी सुनील नाथ उसे रोज मंडी में खाना देकर घर चला जाता था।

शुक्रवार रात 2 बजे शराब के नशे में तीन लोगों ने पेड़ से बंधे लंगूर को खोला और उसे दुकानों के सामने ले आए। जहां जमीन पर ही लंगूर के एक हजार से ज्यादा चक्कर कटवाए और उसकी गर्दन व पैर रस्सी से बांधकर तब तक डंडों से पीटा, जब तक उसकी मौत नहीं हो गई। शोर सुनकर मंडी का चौकीदार मौके पर पहुंचा और व्यापारियों को सूचना दी। व्यापारियों की सूचना पर रात में ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। शनिवार सुबह हिसार से वन्य प्राणी विभाग की टीम मौके पहुंची और मामले की जांच की। अधिकारी लंगूर के शव को चिड़ियाघर ले गए और पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद शव को गांव कालूवास के पास खाली पड़ी जमीन में दफना दिया गया।

बेटे जैसा था पवन, किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया

लंगूर के मालिक सुनील नाथ ने बताया, ‘6 साल पहले जयपुर से लंगूर को खरीदकर लाया था। तब उसकी उम्र एक साल की थी। उसका नाम पवन रखा था। मैंने उसे बेटे की तरह पाला था। पवन मेरे बच्चों के साथ भी खेलता था और बच्चे भी उसे बहुत प्यार करते थे। पवन ने कभी किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया।’

5 साल तक की सजा व जुर्माने का प्रावधान

आईपीसी की धारा 429 के अनुसार किसी भी जीव-जंतु का वध करने, विष देने, विकलांग करने या निरूपयोगी बनाने की कुचेष्टा करने पर आरोपी को एक साल कारावास की सजा होती है, सजा को पांच वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है। इसके अलावा आर्थिक दंड या सजा दोनों से दंडित किया जा सकता है।

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